मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना के लिए 30 अक्टूबर तक आवेदन आमंत्रित
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सुश्री शिल्पा साय ने बताया कि योजना अंतर्गत पात्र विद्यार्थियों से निर्धारित प्रपत्र में 30 अक्टूबर 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। विद्यार्थी अपना आवेदन रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से अथवा स्वयं उपस्थित होकर कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास में जमा कर सकते हैं। आवेदन पत्र का प्रारूप सहायक आयुक्त कार्यालय अथवा विभागीय पोर्टल https://eklavua.cg.nic.in से प्राप्त किया जा सकता है। निर्धारित तिथि के पश्चात प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए विद्यार्थी का छत्तीसगढ़ राज्य का मूल निवासी होना आवश्यक है तथा वह छत्तीसगढ़ राज्य के लिए अधिसूचित अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अथवा अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल होना चाहिए। विद्यार्थी के पास संबंधित उच्च व्यावसायिक संस्थान में चयन का प्रमाण पत्र तथा प्रवेश लेने के संबंध में संस्था द्वारा जारी सूचना पत्र होना अनिवार्य है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के पालक की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपए से अधिक नहीं होना चाहिए। शासकीय सेवकों के आश्रित इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। हालांकि, चतुर्थ श्रेणी शासकीय कर्मचारियों के बच्चे योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। आवेदन केवल निर्धारित प्रपत्र में ही स्वीकार किए जाएंगे।
सेवा की कहानी
पीएमएफएमई योजना से मिली 27 लाख की बैंक सहायता से शुरू किया बेकरी व्यवसाय
हुनर को व्यवसाय में बदलकर आत्मनिर्भर बनीं रेनू प्रसाद
श्रीमती रेनू प्रसाद को शुरू से ही बेकरी उत्पाद बनाने के कार्य में विशेष रुचि थी। बेकिंग के प्रति उनके इसी जुनून ने उन्हें अपने हुनर को स्वरोजगार का माध्यम बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बेकरी उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण प्राप्त कर बेकिंग की बारीकियां सीखी और अपने कौशल को व्यवस्थित व्यवसाय में बदलने का निर्णय लिया। व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक मशीनरी एवं उपकरणों की जरूरत थी। इसी दौरान उन्हें जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, महासमुंद के माध्यम से के केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना की जानकारी मिली। योजना से प्रेरित होकर उन्होंने ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत किया तथा आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति की। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा उनका प्रकरण भारतीय स्टेट बैंक, बोकारो को प्रेषित किया गया। बैंक द्वारा उनके व्यवसाय के लिए 27 लाख की राशि स्वीकृत एवं वितरित की गई। योजना के माध्यम से प्राप्त वित्तीय सहायता से रेनू प्रसाद ने आवश्यक मशीनरी एवं उपकरण खरीदे और अपने बेकरी व्यवसाय की शुरुआत की। आज वे अपने पसंद के कार्य को स्वरोजगार का माध्यम बनाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही हैं।
रेनू प्रसाद बताती हैं कि पीएमएफएमई योजना ने उनके सपने को साकार करने में विशेष भूमिका निभाई है। पहले जो हुनर उनके लिए केवल रुचि का विषय था, वही आज उनके व्यवसाय की पहचान बन रहा है। वे अपने बेकरी व्यवसाय को लगातार आगे बढ़ाने और उत्पादन को विकसित करने के लिए प्रयासरत हैं। रेनू प्रसाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि योजना से मिली सहायता ने उन्हें आत्मनिर्भर उद्यमी बनने और अपने खाद्य प्रसंस्करण उद्यम को आगे बढ़ाने में सक्षम बनाया है।
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