तोषगांव के डॉ. लेख रंजन पात्रो ‘राष्ट्रीय ज्योतिष रत्न सम्मान 2026’ से सम्मानित
सरायपाली/तोषगांव। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है कि डॉ. लेख रंजन बी. पात्रो को ज्योतिष एवं अध्यात्म के क्षेत्र में उनके ज्ञान, अध्ययन और समर्पित सेवाओं के लिए ‘राष्ट्रीय ज्योतिष रत्न सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया है। इस उपलब्धि से उनके परिवार, शुभचिंतकों और क्षेत्रवासियों में प्रसन्नता का वातावरण है। पारंपरिक ज्ञान, आध्यात्मिक चिंतन और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति उनकी रुचि को इस सम्मान के माध्यम से विशेष पहचान मिली है
डॉ. लेख रंजन बी. पात्रो छत्तीसगढ़ के तोषगांव के मूल निवासी हैं तथा सरायपाली से उनका पारिवारिक संबंध है। वे स्वर्गीय लोकनाथ बी. पात्रो एवं स्वर्गीय गुलाबी पात्रो के सुपुत्र हैं। अपने माता-पिता से प्राप्त संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों को जीवन में आत्मसात करते हुए उन्होंने ज्ञान, अध्ययन और आध्यात्मिक चिंतन के क्षेत्र में अपनी रुचि को आगे बढ़ाया है। उनके लिए यह उपलब्धि व्यक्तिगत प्रसन्नता के साथ-साथ अपने जन्मस्थान और परिवार से जुड़े लोगों के लिए भी गौरव का अवसर है
ज्योतिष एवं अध्यात्म के क्षेत्र में योगदान को मिली पहचान
‘राष्ट्रीय ज्योतिष रत्न सम्मान 2026’ के अंतर्गत डॉ. पात्रो को भारतीय ज्योतिष, प्राचीन तंत्र-मंत्र तथा आध्यात्मिक ज्ञान के क्षेत्र में उनके अध्ययन और समर्पित सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया है। सम्मान-पत्र में उनके ज्ञान, साधना और पारंपरिक विद्या के प्रति समर्पण की सराहना की गई है। यह सम्मान भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति उनकी रुचि और अध्ययनशीलता को रेखांकित करता है
भारतीय संस्कृति में ज्योतिष और अध्यात्म का प्राचीन काल से महत्वपूर्ण स्थान रहा है। इन विषयों का संबंध केवल धार्मिक आस्थाओं से ही नहीं, बल्कि भारतीय समाज की सांस्कृतिक विरासत, दर्शन और पारंपरिक ज्ञान से भी जुड़ा हुआ है। पीढ़ियों से चली आ रही इन परंपराओं के अध्ययन और संरक्षण के प्रति लोगों की रुचि आज भी बनी हुई है। ऐसे में इन विषयों के प्रति समर्पित व्यक्तियों को मिलने वाला सम्मान पारंपरिक ज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का माध्यम बनता है
भारतीय पारंपरिक ज्ञान के अध्ययन में रुचि
डॉ. लेख रंजन बी. पात्रो की इस उपलब्धि को ज्योतिष एवं अध्यात्म के क्षेत्र में उनके अध्ययन और प्रयासों की पहचान के रूप में देखा जा रहा है। भारतीय ज्ञान परंपराओं में ज्योतिष, मंत्रविद्या, आध्यात्मिक साधना और दर्शन जैसे विषयों का व्यापक साहित्य उपलब्ध है। इन विषयों का अध्ययन सांस्कृतिक विरासत को समझने और उसके विभिन्न पहलुओं से परिचित होने का अवसर प्रदान करता है
पारंपरिक ज्ञान के प्रति रुचि रखने वाले व्यक्तियों के लिए अध्ययन, चिंतन और अनुशासन का विशेष महत्व होता है। डॉ. पात्रो को प्राप्त यह सम्मान इसी दिशा में उनके प्रयासों को मान्यता देने वाला एक महत्वपूर्ण अवसर है। इससे उनके परिचितों और शुभचिंतकों को भी प्रसन्नता हुई है
डॉ. लेख रंजन बी. पात्रो को प्रदान किए गए सम्मान-पत्र पर ‘राष्ट्रीय ज्योतिष रत्न सम्मान 2026’ का उल्लेख किया गया है। प्रमाण-पत्र 28 सितंबर 2026 को जारी किया गया है। इसमें उनके ज्ञान, अध्ययन और समर्पित सेवाओं की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य एवं निरंतर सफलता की कामना की गई है
यह उपलब्धि उनके लिए ज्योतिष एवं अध्यात्म के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। सम्मान-पत्र में उल्लिखित प्रशस्ति उनके अध्ययन और पारंपरिक ज्ञान के प्रति समर्पण को रेखांकित करती है। इस उपलब्धि के माध्यम से उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में नई पहचान प्राप्त हुई है
तोषगांव और सरायपाली के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि
डॉ. लेख रंजन बी. पात्रो का जन्मस्थान तोषगांव और पारिवारिक निवास सरायपाली है। ऐसे में उन्हें प्राप्त यह सम्मान दोनों स्थानों के लिए गौरव का विषय है। स्थानीय स्तर पर ज्ञान, अध्ययन और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी उपलब्धियां समाज में सकारात्मक वातावरण निर्मित करती हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा देती हैं
इस अवसर पर उनके दिवंगत माता-पिता स्वर्गीय लोकनाथ बी. पात्रो एवं स्वर्गीय गुलाबी पात्रो का स्मरण भी विशेष महत्व रखता है। पारिवारिक संस्कार और जीवन-मूल्य किसी भी व्यक्ति की यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके लिए यह सम्मान अपने माता-पिता की स्मृतियों से जुड़ा एक भावनात्मक अवसर भी है
डॉ. लेख रंजन बी. पात्रो को ‘राष्ट्रीय ज्योतिष रत्न सम्मान 2026’ प्राप्त होने पर उनके शुभचिंतकों और परिचितों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की जा रही है, ताकि वे भारतीय ज्योतिष, अध्यात्म और पारंपरिक ज्ञान के अध्ययन एवं प्रसार के क्षेत्र में निरंतर योगदान देते रहें
