राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा के लिए 23 अक्टूबर तक आवेदन आमंत्रित
परीक्षा 12 दिसंबर को आयोजित
महासमुंद 15 अक्टूबर 2026/ भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत राज्य के 8वीं में अध्ययनरत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। योजना के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 8वीं में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों से निःशुल्क ऑफलाइन एवं ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा इस परीक्षा का आयोजन किया जाएगा
जिला शिक्षा अधिकारी श्री बी.एल. देवांगन ने बताया कि इच्छुक विद्यार्थियों को अपना आवेदन 23 अक्टूबर 2026 तक संबंधित विद्यालय में जमा करना होगा। परीक्षा का आयोजन शनिवार, 12 दिसंबर 2026 को किया जाएगा। जिले में परीक्षा के लिए कुल 5 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जिनमें प्रत्येक विकासखंड में एक परीक्षा केंद्र होगा। योजना के अंतर्गत शासकीय विद्यालयों, शासकीय अनुदान प्राप्त विद्यालयों तथा स्थानीय निकाय के विद्यालयों में कक्षा 8वीं में अध्ययनरत विद्यार्थी आवेदन करने के पात्र होंगे। इसके लिए विद्यार्थी का पिछली कक्षा अर्थात कक्षा 7वीं में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को निर्धारित अंकों में 5 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त विद्यार्थी के अभिभावक की वार्षिक आय 3.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। आय प्रमाण पत्र एवं जाति प्रमाण पत्र ऑनलाइन माध्यम से जारी होना अनिवार्य है
कलेक्टर श्री लंगेह ने भोरिंग स्थित एकलव्य विद्यालय एवं कन्या छात्रावास का किया औचक निरीक्षण
अधूरे निर्माण कार्यों पर जताई नाराजगी, कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के दिए निर्देश
छात्राओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश
महासमुंद 15 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने जिले के महासमुंद विकासखंड अंतर्गत ग्राम भोरिंग स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय एवं प्री-मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास का औचक निरीक्षण कर वहां की शैक्षणिक व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, बुनियादी सुविधाओं तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित ठेकेदार को कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही छात्रावासों में बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और विशेष रूप से छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्टाफ नर्स एवं चिकित्सक से विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, सामान्य बीमारियों, उपचार तथा स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित किया कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जाए। कलेक्टर ने छात्रावास की साफ-सफाई और भोजन व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए विद्यार्थियों को स्वच्छ, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने कहा। उन्होंने कहा कि बच्चों को कम मिर्च-मसाले वाला सादा, सुपाच्य एवं स्वादिष्ट भोजन परोसा जाए, ताकि उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इसके साथ ही शौचालयों एवं स्नानागारों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा भवन में जहां भी टूट-फूट हो, उसकी तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश प्रभारी प्राचार्य श्री महेंद्र टंडन को दिए
कलेक्टर ने विद्यालय परिसर में वर्ष 2022 से स्वीकृत निर्माण कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया। इनमें सामूहिक किचन, मेस हॉल, अतिरिक्त कक्ष, अधीक्षक आवास, गेस्ट रूम एवं खेल मैदान सहित अन्य निर्माण कार्य शामिल हैं। स्वीकृति के लगभग चार वर्ष बाद भी कार्य पूर्ण नहीं होने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित एजेंसी को निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की प्रगति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए। विद्यालय परिसर में पेयजल की समस्या के संबंध में कलेक्टर ने मौके पर उपस्थित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री देव कुमार वर्मा एवं सब-इंजीनियर श्री आलोक शुक्ला को तत्काल आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव तैयार करने एवं स्वीकृति की प्रक्रिया में आवश्यक तत्परता बरती जाए, ताकि विद्यार्थियों को पेयजल की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जा सके
कलेक्टर ने बालक एवं कन्या छात्रावासों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए कि बच्चों को अवकाश के दौरान केवल उनके परिजनों के साथ ही भेजा जाए। छात्रावास परिसर में किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति का प्रवेश नहीं होना चाहिए। परिसर में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति का परिचय एवं मोबाइल नंबर निर्धारित रजिस्टर में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए, ताकि आगंतुकों का व्यवस्थित रिकॉर्ड संधारित रहे। उन्होंने विशेष रूप से कन्या छात्रावासों में सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सभी कन्या छात्रावासों में सीसीटीवी कैमरे सदैव चालू स्थिति में रहें। किसी भी प्रकार की समस्या, अव्यवस्था अथवा सुरक्षा संबंधी शिकायत की जानकारी तत्काल खंड प्रभारी को दी जाए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके
एकलव्य विद्यालय के निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने भोरिंग स्थित प्री-मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्रावास की विभिन्न पंजियों एवं अभिलेखों की जांच की तथा कमरों में बिजली, लाइट और पंखों की उपलब्धता एवं उनकी कार्यशील स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने छात्रावास में आवश्यक सुविधाओं को व्यवस्थित बनाए रखने और विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने देने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान छात्रावास अधीक्षक श्रीमती शारदा वर्मा ने कलेक्टर को बताया कि छात्रावास परिसर सड़क के स्तर से नीचे होने के कारण बारिश के दौरान तथा आसपास पानी जमा होने से जलभराव की समस्या बनी रहती है। इस पर कलेक्टर ने समस्या के स्थायी निराकरण के लिए परिसर के समतलीकरण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए तथा उक्त कार्य को वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत स्वीकृत कराने के लिए सहमति व्यक्त की
कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि छात्रावासों में विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ वातावरण, पौष्टिक भोजन, सुरक्षित आवास, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं और आवश्यक बुनियादी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि छात्रावासों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं सुविधाओं के प्रति किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी संबंधित अधिकारी नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करें तथा सामने आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित करें। निरीक्षण के दौरान सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीमती शिल्पा साय एवं खंड प्रभारी आदिवासी विकास महासमुंद श्री नीलेश खांडे उपस्थित रहे
बस संचालकों की बैठक में जिला परिवहन अधिकारी ने दिए आवश्यक निर्देश
बस का संचालन स्वीकृत रूट और परमिट में उल्लेखित शर्तों के अधीन हो
महासमुंद 15 अक्टूबर 2026/ जिला परिवहन अधिकारी श्री प्रतीक शुक्ला की अध्यक्षता में आज बस यूनियन के कार्यालय बस स्टैंड महासमुंद में सभी निजी संचालकों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में यात्री परिवहन व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित और नियमबद्ध बनाना था। बैठक में जिला परिवहन अधिकारी द्वारा सभी बस संचालकों को महत्वपूर्ण विषयों पर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं
जिला परिवहन अधिकारी श्री शुक्ला ने सभी बस संचालकों को निर्देश दिए है कि वे अपनी बसों का संचालन परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित समय-सारणी के अनुसार ही करेंगे। समय पर बसों का परिचालन न करने या अन्य बसों को प्रभावित करने की स्थिति में सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक बस का संचालन उसके स्वीकृत रूट और परमिट में उल्लेखित शर्तों के अधीन ही होना चाहिए। रूट उल्लंघन, बिना परमिट संचालन या क्षमता से अधिक यात्री बैठाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी
उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी संचालकों को अपनी बसों का नियमित मेंटेनेंस, फिटनेस सर्टिफिकेट, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र और वैध बीमा दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। अनफिट पाई जाने वाली बसों के परिचालन पर तत्काल रोक लगाई जाएगी। शासन द्वारा लागू की गई नई किराया सूची का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करना अनिवार्य है। सभी बस संचालकों को अपनी बसों के भीतर यात्रियों को स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाले स्थान पर नई किराया सूची (फेयर चार्ट) चस्पा करनी होगी। यात्रियों से निर्धारित किराए से अधिक राशि वसूलने की शिकायत मिलने पर संबंधित के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी
जिला परिवहन अधिकारी ने सभी संचालकों को निर्देश देते हुए कहा है कि इन नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन स्वामियों के परमिट और लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है

