शासकीय डी एम एस स्कूल महासमुन्द में अंग्रेजी विषय का विशेष अध्यापन और "युवा सांसद " पर व्याख्यान
विद्यार्थियों को बताया "अंग्रेजी सबसे सरलतम भाषा ".
दिनांक 16.10.2026 को शिक्षाविद और अंग्रेजी के विद्वान, सेवानिवृत्त प्राचार्य समीर चन्द्र प्रधान ने महासमुंद स्थित शासकीय डी .एम.एस. उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्राचार्य शैलेन्द्र सोनी के निवेदन पर कक्षा 10 वीं तथा 11वीं के विद्यार्थियों को विषयगत अंग्रेजी के व्यावहारिक उपयोग पर आधारित अध्यापन किया। दोनो कक्षाओं के 80 छात्र छात्राओं को अपने विशिष्ट और सरलतम शैली में अंग्रेजी भाषा का अध्ययन करने की विधि बतायी। श्री प्रधान ने विद्यार्थियों को समझाया कि अंग्रेजी को परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए एक विषय समझ कर अध्ययन न करें न ही शिक्षक इस दृष्टि से अध्यापन करें।यह प्रवृत्ति अंग्रेजी भाषा की समझ विकसित नहीं कर सकती। व्यावहारिक उदाहरणों और प्रसंगो के माध्यम से भाषा को समझना और समझाना लाभकारी होता है। श्री प्रधान जो कि स्वयं अपने शासकीय सेवा काल में अंग्रेजी के उच्च शिक्षित विद्वान व्याख्याता,औरराज्य स्तरीय प्रशिक्षक (SRG) रह चुके हैं तथा अंग्रेजी में धाराप्रवाह कमेन्ट्री देने के लिए भी जाने जाते हैं ने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के कुछ उपयोगी बिन्दु Question Tag, तथा Clause को कुछ ही समय मे अपने रोचक अध्यापन शैली में समझा कर अंग्रेजी के प्रति उत्साह उत्पन्न कर दिया। उनकी रोचक शैली का प्रभाव था कि विद्यार्थी कुछ ही समय मे उनके अध्यापन पर फोकस्ड हो गए तथा बेहिचक चर्चा करने लगे। प्रतिभाशाली छात्र पुष्कर,तथा पुष्पा और रश्मि ने श्री प्रधान के अध्यापन को आनंददायक और तत्काल समझ में आने वाला बताया।इन विद्यार्थियों ने बताया कि Question Tag तथा Clause की कुछ बातें हमें समझ में आती ही नहीं थीं किन्तु प्रधान सर ने शीघ्र ही उसे सुलझा दिया
श्री प्रधान ने विद्यालय में चल रहे "युवा सांसद " प्रतियोगिता के लिए चल रही तैयारी के मध्य ,"युवा सांसद" प्रतियोगिता की उपयोगिता पर संक्षिप्त व्याख्यान भी दिया। उन्होंने बताया कि भारतीय राजनीतिक और प्रशासनिक प्रणाली को प्रत्यक्ष रुप से अनुभव करने के लिए इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के लिए बहुत अच्छे मंच होते हैं
प्राचार्य श्री शैलेन्द्र सोनी ने श्री प्रधान सर के विद्यालय में बिताए 1.30 घंटे को अत्यंत लाभकारी बताया तथा पुन: विद्यार्थियों कोअपने ज्ञान से लाभान्वित करने का निवेदन किया।

